*घोघा चट्टी की देशी शराब की दुकान का उग्र विरोध, जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों सौपा ज्ञापन*
बलिया। घोघा चट्टी पर हाल ही में खोली गई देशी शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को देखते हुए इस दुकान को तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
मुख्य आपत्तियां एवं ग्रामीणों के तर्क -छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा पर संकट: ग्रामीणों का कहना है कि जिस मुख्य मार्ग पर शराब की दुकान खोली गई है, उसी रास्ते से रोज छात्राएं स्कूल और कॉलेज आती-जाती हैं। ऐसे में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है।-धार्मिक आस्था और माहौल प्रभावित: इसी रास्ते पर क्षेत्र का एक अति प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जहाँ सुबह-शाम श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। रिहायशी आबादी और धार्मिक स्थल के पास शराब की दुकान खुलने से सामाजिक व सांस्कृतिक माहौल बिगड़ रहा है।नित्य नए विवाद की आशंका: ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य आवागमन मार्ग पर दुकान होने से आए दिन विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना बनी रहती है।
"मांगें न मानीं तो करेंगे उग्र आंदोलन"ज्ञापन सौंपने पहुंचे वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास और कानून-व्यवस्था के पक्षधर हैं, लेकिन सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल एक दुकान का मुद्दा नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, धार्मिक आस्था और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते दुकान को निर्धारित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में महिलाएं भी रहीं आगे--इस दौरान प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से चंद्रमा कश्यप, चंदन साहनी, अनिकेत साहनी, राजकुमार साहनी, बच्चा लाल साहनी, राम प्रवेश साहनी, दशरथ साहनी, पतिराम साहनी, सुरेंद्र साहनी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं भी उपस्थित रहीं।

