*राजनीतिक अतिशयोक्ति और आधारहीन दावे: 2027 चुनाव को लेकर LJP (रामविलास) का भ्रामक रुख*
बलिया में एक प्रेस वार्ता के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान द्वारा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए दावे पूरी तरह से धरातल से परे और राजनीतिक पैंतरेबाज़ी से प्रेरित प्रतीत होते हैं। पार्टी का यह कहना कि वह राज्य की 108 सीटों पर 'किंग मेकर' है और 2027 में सत्ता की चाबी उसके हाथ होगी, मात्र एक हास्यास्पद और काल्पनिक बयानबाजी है।
उत्तर प्रदेश के वृहद और जटिल राजनीतिक परिदृश्य में लोजपा (रामविलास) का जनाधार बेहद सीमित है। पार्टी की मूल ताकत मुख्य रूप से बिहार तक ही सीमित रही है। यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने और निर्णायक भूमिका निभाने का दावा केवल कार्यकर्ताओं में फर्जी उत्साह भरने की नाकाम कोशिश है।
'दलित चौपाल' और नशा मुक्ति अभियान जैसी गतिविधियों के नाम पर पासवान समाज और दलित वोटों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोधियों पर अपने समाज का 'वोट लूटने' का आरोप लगाकर राजीव पासवान अपनी सांगठनिक विफलताओं को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा, चिराग पासवान और स्वर्गीय रामविलास पासवान के नाम का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की रणनीति अब पुरानी पड़ चुकी है। हकीकत यह है कि जमीनी संगठन के अभाव में लोजपा (आर) का यह 'किंग मेकर' बनने का सपना महज एक चुनावी स्टंट बनकर रह जाएगा।