*जीवंत हुआ इतिहास: नाटक '1857 के महानायक मंगल पाण्डेय' ने दर्शकों को किया भावविभोर*

 *जीवंत हुआ इतिहास: नाटक '1857 के महानायक मंगल पाण्डेय' ने दर्शकों को किया भावविभोर*


बलिया। अमर बलिदानी मंगल पाण्डेय के अदम्य साहस और 1857 की क्रांति के शौर्य को जब मंच पर साकार किया गया, तो पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) तथा राष्ट्रीय कला मंच, बलिया के संयुक्त तत्वावधान में गंगा बहुउद्देशीय सभागार में ऐतिहासिक नाटक '1857 के महानायक मंगल पाण्डेय' का भव्य मंचन किया गया।





कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह, अंकित शुक्ल, पुनीत और उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंचन से पूर्व रायबरेली की आल्हा गायिका शीलू सिंह ने वीर रस से ओत-प्रोत शौर्यगाथा प्रस्तुत कर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया।इसके बाद निर्देशक आशीष त्रिवेदी के निर्देशन और संकल्प संस्था के कलाकारों के शानदार अभिनय ने स्वतंत्रता संग्राम के दौर को सजीव कर दिया। नाटक में अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों, सैनिकों की पीड़ा और चर्बीयुक्त कारतूसों के खिलाफ उपजे जनाक्रोश को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। राहुल चौरसिया ने मंगल पाण्डेय और रिया वर्मा ने भारत माता के किरदार में जान फूंक दी। कलाकारों के दमदार अभिनय से प्रभावित होकर दर्शकों ने पूरे सभागार को "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के गगनभेदी नारों से गुंजा दिया।

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