*घाघरा का तांडव: चांदपुर, महाराजपुर और भोजपुरवा में कटान तेज, युद्धस्तर पर बचाव के डीएम ने दीये निर्देश*
-डीएम ने एक ही दिन में किया क ई प्रभावित क्षेत्र का पैदल चलकर किया औचक निरीक्षण;
-महाराजपुर को बचाने के निर्देश, भोजपुरवा में नए स्कूल व पानी की टंकी और तत्काल राहत सामग्री भेजने का दिया आश्वासन
बलिया। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने तहसील बांसडीह के ग्राम चांदपुर व महाराजपुर और विकास खंड मनियर के ग्राम भोजपुरवा का तूफानी दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
महाराजपुर गांव को हर हाल में सुरक्षित रखने का निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि नदी की धारा मोड़ने के लिए तत्काल 'जिओट्यूब' की व्यवस्था की जाए। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि कटान रोकने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से 17 कटर (12 मीटर चौड़े, 4 मीटर ऊंचे, 8 मीटर लंबे) लगाए गए हैं। आगामी दिनों में जलस्तर दो मीटर तक बढ़ने की संभावना के मद्देनजर कार्यों में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायिका केतकी सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने भोजपुरवा गांव में वर्ष 2002 में बने स्कूल के नदी में समाहित हुए पूर्व माध्यमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की जगह डीएम नया स्कूल बनवाने का आश्वासन दिया। वर्तमान में यह स्कूल पंचायत भवन में चल रहा है। इसके साथ ही नदी के मुहाने पर खड़ी 25 वर्ष पुरानी पानी की टंकी के विकल्प के रूप में नई टंकी के निर्माण और ग्रामीणों की मांग पर सोलर लाइट, त्रिपाल शुद्ध पेयजल आदि को प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए।नदी से महज 500 मीटर की दूरी पर बसे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने अधिकारियों को उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने को कहा , और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है। निरीक्षण के दौरान काटन प्रभावित क्षेत्र में पैदल चल कर ज्यादा लिया। इस दौरान अन्य कोई अधिकारी गण मौजूद रहे।


