*पूर्व सांसद मस्त के आश्वासन पर 19 दिनों बाद स्थगित हुआ अधिवक्ताओं का आंदोलन*
-तहसील प्रशासन और बार एसोसिएशन के बीच बनी सहमति, मुकदमा वापस न होने पर पुनः आंदोलन की चेताव
पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि "बार और बेंच" के बीच संवादहीनता ठीक नहीं है तथा हर समस्या का हल आपसी बातचीत और समन्वय से ही संभव है। उन्होंने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि प्रशासन समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो वे भी अधिवक्ताओं के साथ धरने पर बैठेंगे।
मौके पर मौजूद उप-जिलाधिकारी (SDM) शशि भूषण मिश्रा ने पूर्व में हुई घटनाओं पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन अधिवक्ताओं की कानून सम्मत सभी समस्याओं का त्वरित समाधान करेगा।
वहीं, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर अधिवक्ताओं पर दर्ज आपराधिक मुकदमे समाप्त नहीं किए गए, तो अधिवक्ता पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान क्षेत्राधिकारी आलोक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।