-*सुरेमनपुर दियरांचल में 300 से अधिक परिवार बेघर, पट्टे की जमीन के इंतजार में बीता एक साल*


 *सरयू की कटान से उजड़ा आशियाना, बेघर परिवारों के सामने जीवन का संकट गहराया*

-सुरेमनपुर दियरांचल में 300 से अधिक परिवार बेघर, पट्टे की जमीन के इंतजार में बीता एक साल



(सुधीर सिह की रिपोर्ट)

बैरिया (बलिया): सुरेमनपुर दियरांचल के गोपालनगर टांड़ी में सरयू नदी का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी की तेज कटान ने दर्जनों परिवारों की जिंदगी पूरी तरह उजाड़ दी है। बीते पांच वर्षों में करीब 300 परिवार अपना आशियाना गंवाकर बेघर हो चुके हैं, जबकि दर्जनों मकान आज भी नदी के मुहाने पर खड़े हैं।

विस्थापित परिवार इस समय दूसरों की या बटाई की जमीन पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर बदहाली में दिन काटने को मजबूर हैं। सिर छिपाने की छत और रोजी-रोटी के संकट के कारण लोग न तो तीज-त्योहार मना पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी जैसे आयोजन कर पा रहे हैं।

पीड़ितों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों से केवल आश्वासन ही मिले हैं, कोई ठोस प्रशासनिक मदद नहीं पहुंची। वर्ष 2025 में तहसील प्रशासन ने चांद दियर मौजा (बकुल्हां स्टेशन के पास) में आवासीय पट्टे के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी फाइल मंजूर नहीं हो सकी।

मामले पर बैरिया के उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र का कहना है कि प्रशासन कटान पीड़ितों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और जल्द ही नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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